बुरा फंसे BJP विधायक हरीश शाक्य! कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी-गैंगरेप का मुकदमा दर्ज
UP News
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
17 Nov 2025 09:00 PM
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
17 Nov 2025 09:00 PM
UP News : उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में BJP के बिल्सी विधायक हरीश शाक्य (BJP MLA Harish Shakya), उनके भाई, भतीजे और 15 अन्य लोगों के खिलाफ गैंगरेप और धोखाधड़ी के आरोप में FIR दर्ज करने का आदेश दिया गया है। यह आदेश एमपी-एमएलए कोर्ट ने बुधवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया जिसमें पीड़िता के पति ने भूमि विवाद से जुड़े एक मामले में न्याय की मांग की थी। कोर्ट ने सिविल लाइंस थाने को मामले की निष्पक्ष जांच करने और 10 दिन के भीतर FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है।
करीब 18 करोड़ रुपये की थी जमीन
जानकारी के मुताबिक याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में बताया कि, उसके पिता ने कुछ समय पहले सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के बुधबई गांव में एक जमीन खरीदी थी। यह जमीन करीब 18 करोड़ रुपये की थी लेकिन विधायक शाक्य और याचिकाकर्ता के बीच 16.5 करोड़ रुपये में सौदा तय हुआ। इस सौदे के तहत विधायक ने जमीन की कीमत का 40 प्रतिशत रकम अग्रिम देने का वादा किया था और बाकी रकम बैनामा के समय दी जानी थी। इसके बाद शाक्य ने एक लाख रुपये का एडवांस भी दिया था।
जमीन को एक बिल्डर को बेचने की कोशिश
याचिकाकर्ता का आरोप है कि, इसके बाद विधायक और उनके गुर्गों ने 40 प्रतिशत राशि दिए बिना ही समझौते पर दबाव डालना शुरू कर दिया। जब समझौता नहीं हुआ तो पुलिस ने उनके चचेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया और प्रताड़ित किया। याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि जब उसने जमीन को एक बिल्डर को बेचने की कोशिश की तो विधायक के गुर्गों ने उसे रोक दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे तीन दिन तक हिरासत में रखकर पीटा। विधायक और उनके साथियों ने उसे पुलिस से छुड़ाकर अपने साथ ले गए और प्रताड़ित किया। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि विधायक और उनके साथियों ने उसकी पत्नी के साथ सामूहिक बलात्कार भी किया।
BJP विधायक ने मामले की जानकारी होने से किया इंकार UP News
वहीं BJP विधायक हरीश शाक्य ने इस मामले में कोई भी जानकारी होने से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि अगर अदालत ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है तो वह पुलिस के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने न्यायपालिका पर पूरा विश्वास जताया और कहा कि वे अदालत के आदेश का पालन करेंगे। जानकारी के अनुसार, बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने कहा कि, पुलिस को अभी तक अदालत के आदेश की प्रति नहीं मिली है लेकिन जैसे ही उन्हें आदेश की प्रति प्राप्त होगी, वे एफआईआर दर्ज करेंगे और कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगे। UP News