आजाद समाज पार्टी ने बसपा सुप्रीमो के घर में पसारे पैर, सुशील नागर को दी ज़िम्मेदारी
UP News
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
16 Nov 2025 08:26 PM
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
16 Nov 2025 08:26 PM
UP News : उत्तर प्रदेश की भूतपूर्व मुख्यमंत्री मायावती अपने गृह जनपद में ही लगातार अपना जनाधार खोती जा रही हैं। जिसका लाभ आजाद समाज पार्टी बखूभी उठा रही है। हाल में आजाद समाज पार्टी ने मायावती के घर में पैर पसारने का काम किया है। जिसके तहत आजाद समाज पार्टी ने मायावती के गांव बादलपुर से लगे कचैडा वारसाबाद के पूर्व प्रधान सुशील नागर को जिले के अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप बड़ा दाव चला है। नागर को यह जिम्मेदारी शुक्रवार दिनांक 30 अगस्त को उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुई समीक्षा बैठक के दौरान आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद के निर्देश पर उत्तर के प्रदेश अध्यक्ष सुनील चित्तोड एवं मेरठ मंडल अध्यक्ष तालिब चौधरी के द्वारा संयुक्त रूप से मनोनय पत्र देते हुए सौंपी गई।
बता दें कि गौतमबुद्धनगर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री एवं बसपा सुप्रीमो मायावती का गृह जनपद है और बादलपुर उनका पैतृक गांव है। मायावती ने ही उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहते हुए गाजियाबाद व बुलंदशहर जनपद के कुछ हिस्से को काटकर गौतमबुद्धनगर जिला बनाया था। जिसे आज उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी के रूप से जाना जाता है। एक समय था कि जब उत्तर प्रदेश के इस ज़िले जिले की सारी विधानसभा सीटों व संसदीय सीट पर उनकी ही पार्टी बसपा का कब्जा था। लेकिन वर्तमान समय में जहां बसपा की स्थिती पूरे प्रदेश में खराब है, वहीं बसपा अपने सुप्रीमो मायावती के गृह जनपद में भी अपना जनाधार लगातार खोती चली जा रही है। ऐसे में अन्य दल उनके घटते जनाधार पर बखूभी लाभ उठा रहे हैं।
हाल ही में उनके लगातार घटते जनाधार का बड़ा लाभ आजाद समाज पार्टी को मिला है। बता दें कि मायावती का पैतृक गांव भले ही बादलपुर है। लेकिन उसके आस पास लगे गांव दुजाना, कचैडा, अच्छेजा, बिश्नूली, डेरी मच्छा को भी उनके घर परिवार के तौर पर ही देखा जाता है। ऐसे में आजाद समाज पार्टी ने कचैडा वारसाबाद के पूर्व प्रधान एवं युवा नेता सुशील नागर को जिलाध्यक्ष की बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए क्षेत्र में बड़ा दाव खेल दिया है। जिसके बाद से सुशील नागर को बधाईयों का तांता लगा हुआ है।
कौन है प्रधान सुशील नागरॽ
प्रधान सुशील नागर मायावती के गांव बादलपुर से सटे कचैडा वारसाबाद के निवासी हैं। जोकि देहात मोर्चा की पृष्ठ भूमि से आते हैं। जिसके चलते उन्हें आंदोलनकारी नेता के तौर पर जाना जाता है। देहात मोर्चा व जन मोर्चा में रहते हुए वो विभिन्न जन आंदोलनों में भागिदार रहे और जेल तक गए। जिसके बाद वो कचैडा वारसाबाद के प्रधान भी निर्वाचित हुए। नागर की छवि युवाओं में काफी अच्छी है। जिसके चलते उनसे बड़ी संख्या में युवा वर्ग जुड़ा हुआ है।
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