महिला को 48 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर ठगे लाखों रुपये
UP News
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
18 Nov 2025 03:32 PM
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
18 Nov 2025 03:32 PM
UP NEWS : बीते कुछ सालों में देश में साइबर क्राइम (Cyber Crime) के मामलों में तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसके चलते 'डिजिटल अरेस्ट' (Digital Arrest) जैसी नई तकनीक सामने आई है। आपको बता दें, डिजिटल अरेस्ट का सीधा मतलब है कि कोई आपको ऑनलाइन धमकी देकर वीडियो कॉलिंग के जरिए आप पर नजर रख रहा है। डिजिटल अरेस्ट के दौरान साइबर ठग नकली पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को धमकाते हैं और अपना शिकार बनाते हैं। यह एक मानसिक नियंत्रण की स्थिति होती है, जिसमें अपराधी पीड़ित को फोन कॉल के माध्यम से बंधक बना लेते हैं।
साइबर क्राइम का नया तरीका: 'डिजिटल अरेस्ट'
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में सृष्टि मिश्रा नाम की महिला को साइबर अपराधियों ने 48 घंटे तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा और उन से 2.9 लाख रुपये ठग लिए। महिला ने इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज की, जिसके बाद एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है।
कैसे हुआ 'डिजिटल अरेस्ट'
18 अक्टूबर को सृष्टि ने पुलिस को बताया कि उन्हें 9 अक्टूबर को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने उन्हें कीपैड पर '9' दबाने के लिए कहा, जिसके बाद उनकी कॉल ट्रांसफर हो गई। फिर उन्हें बताया गया कि उनके फोन नंबर का युज करके 38 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
48 घंटे की मानसिक दहशत
कॉल करने वाले ने महिला को बताया कि उनकी ठगी गई राशि का 10 प्रतिशत उनके खाते में ट्रांसफर कर दिया गया है, और जांच जारी रहने तक वह 'डिजिटल अरेस्ट' में हैं। सृष्टि को 48 घंटे तक इस स्थिति में रखा गया और राशि ट्रांसफर ना करने पर कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी। आखिर में उन्होंने 2 लाख 94 हजार 262 रुपये का भुगतान किया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
18 अक्टूबर को चोपन पुलिस स्टेशन में आईटी (IT) अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई है। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 'डिजिटल हाउस अरेस्ट' एक ऐसी रणनीति है, जिसमें साइबर अपराधी (Cyber Criminal) पीड़ितों को डराकर उनके घरों तक सीमित रखते हैं, अक्सर एआई-जनरेटेड वॉयस या वीडियो का उपयोग करते हुए। UP NEWS