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उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में सामने आए चढ़ावा संबंधी विवाद और ट्रस्ट के भीतर उठे इस्तीफों के बाद अब संगठनात्मक बदलावों की संभावना तेज हो गई है।

UP News : उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में सामने आए चढ़ावा संबंधी विवाद और ट्रस्ट के भीतर उठे इस्तीफों के बाद अब संगठनात्मक बदलावों की संभावना तेज हो गई है। महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफे के बाद ट्रस्ट की संरचना और नेतृत्व को लेकर कई अहम सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की निगाहें 6 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की प्रस्तावित बैठक पर टिकी हैं। UP News
सूत्रों के अनुसार, 15 सदस्यीय ट्रस्ट में पहले से ही कुछ पद रिक्त थे और कई वरिष्ठ सदस्य उम्र एवं स्वास्थ्य कारणों से सक्रिय भूमिका में नहीं हैं। ऐसे में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। अब यह चर्चा तेज है कि क्या इन इस्तीफों को स्वीकार किया जाएगा या उन्हें मनाने का प्रयास होगा। आगामी बैठक में सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि क्या दोनों वरिष्ठ पदाधिकारियों को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया जाएगा या वे लिखित रूप में स्पष्टीकरण देंगे। इसके बाद ट्रस्ट यह तय करेगा कि इस्तीफे स्वीकार किए जाएं या नहीं। यदि इस्तीफे मंजूर होते हैं तो नए सदस्यों की नियुक्ति और पदों का पुनर्गठन भी एजेंडे में शामिल होगा। UP News
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मौजूदा संरचना में अयोध्या से प्रतिनिधित्व को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। चार पदेन सदस्यों को छोड़कर अधिकांश स्थायी सदस्य अन्य राज्यों से हैं। ऐसे में स्थानीय प्रतिनिधित्व की कमी को लेकर भी चर्चा तेज है। ट्रस्ट के कुछ वरिष्ठ सदस्य जैसे सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और अन्य प्रतिष्ठित हस्तियां आयु और स्वास्थ्य कारणों से सीमित सक्रियता में हैं। वहीं, कोष और प्रशासनिक कार्यों में भी जिम्मेदारियां कुछ चुनिंदा सदस्यों तक सीमित रही हैं। ऐसे में आने वाली बैठक में कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण पर भी विचार संभव है। UP News
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