मणिशंकर अय्यर ने मोदी के बारे में क्या कहा, जानें क्यों दी सफाई
Congress Leader
Politics
RP Raghuvanshi
18 Nov 2025 07:43 AM
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RP Raghuvanshi
18 Nov 2025 07:43 AM
Congress Leader : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर आजकल कांग्रेस में बड़ी बेचैनी महसूस कर रहे हैं। जो उनके ताजा दिए गए बयानों में भी दिखाई देती है। वे कभी कहते हैं कि उन्हें पिछले दस सालों से सोनिया गांधी से नहीं मिलने दिया जा रहा है। कभी कहते हैं कि गांधी परिवार ने ही उन्हें उठाया और अब उनका करियर ही चौपट कर रहे हैं। इन बयानों के बाद अब उन्होंने कहा है कि उन्होंने नरेन्द्र मोदी को कभी 'चायवाला' नहीं कहा। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के लिए अनुपयुक्त होने संबंधी उनकी धारणा का चाय बेचने के उनके अतीत से कोई लेना-देना नहीं था। उनकी मोदी के प्रति दी गई यह सफाई कुछ और ही इशारा कर रही है।
भाजपा में जाने की अटकलें तेज
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के ताजा बयानों को देखते हुए उनके भाजपा में जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। उन्होंने मोदी को लेकर अपनी सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कभी भी चायवाला नहीं कहा था। उन्होंने 2014 के विवाद को एक नई किताब ए मैवरिक इन पॉलिटिक्स में भी इसका जिक्र किया है। अय्यर ने गांधी परिवार के साथ अपने दशकों पुराने संबंधों को लेकर कहा कि उन लोगों ने उनके राजनीतिक करियर को बनाया और बिगाड़ा भी है। उनके इस कथन के बाद से ही उनके कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
मैंने जो कहा मजाक में कहा
मणिशंकर अय्यर ने कहा कि मैंने मजाक में कहा कि अगर चुनाव हारने के बाद भी मोदी चाय परोसना चाहते हैं, तो हम उनके लिए यहां कुछ व्यवस्था कर सकते हैं। अय्यर ने उल्लेख किया कि जिस व्यक्ति ने कहा कि वे चायवाला हैं, वे स्वयं मोदी थे। यह उन्होंने कहा जिसपर मैंने मजाक में चुटकी ली थी। उन्होंने कहा, तभी से ही इसे इस तरह प्रचारित किया जा रहा है कि मैंने कहा था कि मोदी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते क्योंकि वे चायवाला हैं। यह गलत प्रचार किया गया था।
मोदी के प्रधानमंत्री के रूप अयोग्य कहने की बात भी झूठी
अय्यर ने आगे लिखा है कि मीडिया और मोदी ने मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में शासन करने के अयोग्य होने के बारे में मेरी कथित (लेकिन पूरी तरह से असत्य) टिप्पणी को खूब प्रचारित किया। क्योंकि उनका यह दावा कि उन्होंने चायवाला के रूप में जीवन शुरू किया था। यह एक खोखली चुनावी नौटंकी से ज्यादा कुछ नहीं था। इसने कांग्रेस पार्टी के तत्वों को इस बात का मौका दिया कि वे चुनाव में पार्टी की अपमानजनक हार के वास्तविक कारणों से ध्यान हटाकर इस एक टिप्पणी पर दोष मेरे ऊपर मढ़ दें। इस संबंध में मैंने जो भी कहा वह पूरी तरह से मजाक में कहा था।