ई-सिगरेट के नशे से बर्बाद हो रहे नोएडा के युवक, बड़ी खेप पकड़ी गई
Noida News
नोएडा
RP Raghuvanshi
16 Nov 2025 04:45 PM
नोएडा
RP Raghuvanshi
16 Nov 2025 04:45 PM
Noida News उत्तर प्रदेश के नोएडा- ग्रेटर नोएडा शहर के नाईट क्लब और युवाओं के बीच बड़े पैमाने पर ई-सिगरेट सप्लाई की जा रही है। प्रतिबंध के बावजूद इसका खूब इस्तेमाल किया जा रहा है। इस मामले में नोएडा कमिश्नरेट पुलिस ने ई-सिगरेट की तस्करी करने वाले गिरोह के दो बदमाशों को पकड़ कर लाखो रूपये की ई-सिगरेट बरामद की है।
यह है पूरा मामला
आपको बता दें कि नोएडा पुलिस कमिश्नरेट की थाना सेक्टर-20 पुलिस और क्विक रिस्पांस टीम ने एक संयुक्त कार्रवाई के तहत दो बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके पास से लाखों रुपए कीमत के ई- सिगरेट और गांजा आदि बरामद किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान शाहनवाज पुत्र शौकत निवासी दिल्ली तथा रवि कुमार पुत्र जबर सिंह निवासी जनपद मथुरा के रूप में हुई है।
करोड़ो की मिली सिगरेट
नोएडा पुलिस कमिश्नरेट के DCP क्राइम से मिली जानकारी के मुताबिक थाना सेक्टर-20 पुलिस और क्लिक रिस्पांस टीम ने एक संयुक्त कार्रवाई के तहत सेक्टर 18 के पास से शाहनवाज पुत्र शौकत तथा रवि कुमार पुत्र जबर सिंह को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 2480 प्रतिबंधित ई- सिगरेट, 4 किलो गांजा तथा घटना में प्रयुक्त होने वाला एक ऑटो रिक्शा बरामद हुआ है। बरामद गांजा और सिगरेट की मार्केट में कीमत करीब एक करोड रुपए है।
सरगना की तलाश जारी
DCP क्राइम ने बताया की पुलिस को पूछताछ के दौरान पता चला है कि आरोपी गुरुग्राम के रहने वाले जितेंद्र बलिया उर्फ सोनू को माल सप्लाई करते हैं। वह इस गैंग का सरगना है। जितेंद्र फरार है, पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
क्या है ई-सिगरेट ?
रिपोर्ट के अनुसार, ई-सिगरेट इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है , ई-सिग्स को वेप्स भी कहा जाता है। इसे इलेक्ट्रॉनिक निकोटिन डिलिवरी सिस्टम डिवाइस कहते हैं। इसे बैटरी से चलाया जाता है और इसके जरिए शरीर को निकोटिन मिलता है। इसमें सामान्य सिगरेट की तरह तंबाकू नहीं होता और न ही इसे माचिस-लाइटर से जलाया जाता है, लेकिन इसे पीने पर धुंआ निकलता है।