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नोएडा शहर में रहने वाले विशेषज्ञों ने एक चौंकाने वाली जानकारी दी है। नोएडा में रह कर इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के ऊपर रिसर्च करने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली से चलने वाला कोई भी वाहन (EV) खरीदने से पहले बहुत ही सावधान रहने की आवश्यकता है।

Noida News : नोएडा शहर में रहने वाले विशेषज्ञों ने एक चौंकाने वाली जानकारी दी है। नोएडा में रह कर इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के ऊपर रिसर्च करने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली से चलने वाला कोई भी वाहन (EV) खरीदने से पहले बहुत ही सावधान रहने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों ने दावा किया है कि भारत के घर EV वाहनों की चार्जिंग के लिए उपयुक्त नहीं हैं। विशेषज्ञों की साफ राय है कि भारत के 45 प्रतिशत से अधिक घर ऐसे हैं जहां EV वाहनों की चार्जिंग से बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। Noida News
नोएडा के अलग-अलग सेक्टरों में रहने वाले आधा दर्जन विशेषज्ञ EV वाहनों के ऊपर रिसर्च कार्य कर रहे हैं। इन्हीं विशेषज्ञों में नोएडा के सेक्टर-47 में रहने वाले इंजीनियर डी.पी. सिंह भी शामिल हैं। डी.पी. सिंह ने बताया कि हाल ही में EV वाहनों को लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। उन्होंने बताया कि ‘‘द नेट- जीरो ट्रांजिशन स्टार्ट्स एट होम : एनएबलिंग EV रेडी रेजिडेंसेस इन इंडिया” शीर्षक से प्रकाशित रिपोर्ट की पूरी स्टडी से पता चलता है कि भारत के घरों में EV वाहनों की चार्जिंग करना किसी बड़े खतरे को बुलावा देने वाला साबित हो सकता है। Noida News
डी.पी. सिंह ने चेतना मंच को बताया कि 'द नेट-ज़ीरो ट्रांजिशन स्टार्ट्स एट होम: एनएबलिंग EV-रेडी रेजिडेंसेस इन इंडिया' रिपोर्ट को देश के टियर-1, टियर-2 और टियर-3 शहरों में लगाए गए 80 हजार से अधिक घरेलू EV चार्जर्स के आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें स्वतंत्र मकान, अपार्टमेंट, किराये के घर और अन्य आवासीय क्षेत्रों को शामिल किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में केवल 55 प्रतिशत संभावित EV खरीदारों के पास ही घर पर सुरक्षित चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध है। बाकी लोगों को या तो अपने घर की बिजली व्यवस्था में सुधार करना होगा या फिर अस्थायी और जोखिम भरे तरीकों से वाहन चार्ज करना पड़ता है। Noida News
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि कई लोग सामान्य घरेलू सॉकेट, एक्सटेंशन बोर्ड या साझा बिजली कनेक्शन के जरिए EV चार्ज कर रहे हैं। ये सिस्टम लगातार भारी बिजली लोड सहने के लिए डिजाइन नहीं किए गए हैं। इससे तार गर्म होना, शॉर्ट सर्किट, ट्रांसफॉर्मर पर अतिरिक्त दबाव, बैटरी को नुकसान और आग लगने जैसी घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। रिपोर्ट का अनुमान है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के कारण बिजली की मांग तेजी से बढ़ेगी। वर्ष 2024 में जहां EV चार्जिंग से राष्ट्रीय बिजली मांग का केवल 0.2 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित हो रहा था, वहीं 2035 तक यह बढ़कर लगभग 6 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। ऐसे में घरेलू बिजली ढांचे को मजबूत बनाना बेहद जरूरी होगा। Noida News
रिपोर्ट में सुरक्षित EV चार्जिंग के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं
घर में पर्याप्त स्वीकृत (Sanctioned) बिजली लोड होना चाहिए।
EV के लिए अलग समर्पित चार्जिंग सर्किट बनाया जाए।
गुणवत्तापूर्ण वायरिंग और उचित अर्थिंग कराई जाए।
प्रमाणित EV चार्जर का ही उपयोग किया जाए।
सही क्षमता वाले MCB और अर्थ-लीकेज सुरक्षा उपकरण लगाए जाएं।
चार्जर को अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप स्थान पर स्थापित किया जाए। Noida News
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकारें लगातार नई नीतियां लागू कर रही हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि केवल वाहन खरीदने को प्रोत्साहन देना पर्याप्त नहीं होगा। यदि घरों की बिजली व्यवस्था सुरक्षित और आधुनिक नहीं बनाई गई, तो EV क्रांति की रफ्तार प्रभावित हो सकती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में सुरक्षित घरेलू चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता माना जा रहा है। Noida News
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