क्या तेजस्वी के गढ़ में सेंध लगाएंगे प्रशांत किशोर? हो सकता है बड़ा मुकाबला
Prashant Kishor
भारत
RP Raghuvanshi
18 Nov 2025 05:28 AM
भारत
RP Raghuvanshi
18 Nov 2025 05:28 AM
Prashant Kishor : बिहार में विधानसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और सियासी जमीन अब गर्माने लगी है। एनडीए बनाम महागठबंधन की पारंपरिक लड़ाई के बीच एक तीसरी ताकत ‘जन सुराज’ भी पूरे दमखम के साथ उतरने को तैयार है। इस नई पार्टी के पीछे हैं देश के जाने-माने चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर (PK), जिनके अगुवाई में जन सुराज ने ऐलान कर दिया है कि वह राज्य की 243 विधानसभा सीटों पर अकेले उम्मीदवार उतारेगी किसी गठबंधन में नहीं जाएगी।
अब बड़ा सवाल ये है कि क्या प्रशांत किशार (पीके) खुद भी चुनावी अखाड़े में उतरेंगे? और अगर उतरते हैं तो क्या वह अरविंद केजरीवाल की तरह अपने सियासी डेब्यू को किसी 'हाई प्रोफाइल' चेहरे के खिलाफ लड़कर यादगार बनाएंगे?
लालू परिवार के गढ़ में चुनौती
प्रशांत किशोर पहले ही संकेत दे चुके हैं कि पार्टी ने कहा तो वह राघोपुर से चुनाव लड़ने को तैयार हैं। राघोपुर न केवल आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की सीट है, बल्कि इसे लालू परिवार का पारंपरिक गढ़ माना जाता है। खुद लालू यादव और राबड़ी देवी भी यहां से चुनाव जीत चुके हैं।अगर पीके इस सीट से मैदान में उतरते हैं, तो यह ठीक वैसा ही राजनीतिक संदेश होगा, जैसा अरविंद केजरीवाल ने 2013 में दिल्ली की तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ लड़कर दिया था। यानी सीधा सत्ता पक्ष के सबसे बड़े चेहरे को चुनौती।
बक्सर से भी हो सकती है एंट्री?
हालांकि राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि पीके बक्सर विधानसभा सीट से भी मैदान में उतर सकते हैं। बक्सर वही इलाका है जहां उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई की थी, और वहां उनका घर भी है। जातीय समीकरण और ज़मीनी पकड़ के लिहाज से यह सीट भी उनके लिए मुफीद मानी जा रही है। 2020 में यह सीट कांग्रेस ने महागठबंधन के तहत जीती थी, जिससे यह स्पष्ट है कि यहां महागठबंधन की मौजूदगी है, लेकिन मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है।
अकेले दम पर चुनावी रण में उतरेगा जन सुराज
प्रशांत किशोर ने साफ कर दिया है कि जन सुराज किसी भी दल से गठबंधन नहीं करेगा और पार्टी सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। उनका कहना है कि बिहार में असली लड़ाई शिक्षा, स्वास्थ्य, पलायन और रोजगार जैसे मुद्दों की है न कि जाति और धर्म की। जन सुराज का दावा है कि वह 90% टिकट ऐसे उम्मीदवारों को देगी, जिन्होंने आज तक कोई चुनाव नहीं लड़ा है। यह कदम नई राजनीति और स्वच्छ छवि को बढ़ावा देने के तौर पर देखा जा रहा है। साथ ही, कोशिश होगी कि पार्टी को जनता के बीच एनडीए और महागठबंधन का विकल्प के तौर पर पेश किया जाए।
बीजेपी की बी टीम बताने का आरोप
जब पीके ने राघोपुर से चुनाव लड़ने की बात कही तो आरजेडी ने इसे बीजेपी की ‘बी टीम’ करार दिया। हालांकि पीके ने साफ कहा कि वह तेजस्वी तो क्या, नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी चुनाव लड़ने को तैयार हैं। यह बयान न केवल साहसिक था, बल्कि विरोधियों के नैरेटिव को भी तोड़ने की कोशिश के रूप में देखा गया।