नीतीश कुमार को मिलेगी उपराष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी? चर्चाएं तेज
Bihar Samachar
भारत
RP Raghuvanshi
18 Nov 2025 01:27 PM
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RP Raghuvanshi
18 Nov 2025 01:27 PM
Nitish Kumar: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद देश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। इसी बीच बिहार से चौंकाने वाली राजनीतिक मांग उठी है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को देश का अगला उपराष्ट्रपति बनाने की मांग BJP विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने की है। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है खासकर तब जब बिहार में विधानसभा चुनावों की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। हालांकि, नीतीश कुमार ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
अब तक नहीं मिला कोई समर्थन
बिहार विधानसभा सत्र में शामिल होने से पहले हरिभूषण ठाकुर बचौल ने मीडिया से बातचीत में कहा, "अगर नीतीश कुमार को उपराष्ट्रपति बनाया जाए, तो यह बिहार के लिए गौरव की बात होगी। उनका अनुभव और संतुलित छवि उन्हें इस पद के योग्य बनाती है।" हालांकि, बीजेपी की ओर से इस बयान को अब तक संगठनात्मक तौर पर कोई समर्थन नहीं मिला है, लेकिन चुनावी मौसम में इस तरह की मांगें अपने-आप में राजनीतिक संकेतों से कम नहीं होतीं।
पहले भी उठ चुकी हैं बड़े पद की मांगें
यह पहली बार नहीं है जब नीतीश कुमार को राष्ट्रीय पद की पेशकश या सुझाव सामने आया हो। कुछ महीने पहले ही पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने उन्हें देश का उप प्रधानमंत्री बनाए जाने की वकालत की थी। हालांकि, उस समय भी नीतीश कुमार ने चुप्पी साधे रखी थी, जैसा कि इस बार भी देखा जा रहा है। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार रात करीब 9 बजे स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए यह फैसला लिया, जिसकी राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग व्याख्याएं की जा रही हैं। अब जब नया उपराष्ट्रपति चुना जाना है, तो कई राजनीतिक विश्लेषक इसे बिहार चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं। अगर नीतीश कुमार के नाम पर गंभीरता से चर्चा होती है, तो यह बिहार की राजनीति की दिशा और दशा को निर्णायक रूप से प्रभावित कर सकता है।
क्या नीतीश मानेंगे यह 'राष्ट्रीय प्रस्ताव'?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नीतीश कुमार जो बिहार की राजनीति के सबसे अनुभवी चेहरों में से एक हैं, इस संभावित राष्ट्रीय भूमिका को स्वीकार करेंगे? या फिर वे बिहार की राजनीति में ही बने रहेंगे और NDA का चेहरा बनकर चुनावी समर में उतरेंगे? राजनीतिक जवाब शायद जल्द मिल जाए लेकिन फिलहाल यह मुद्दा सियासी बहस का केंद्र बन चुका है।