सुप्रीम कोर्ट साबित हुआ सबसे सुप्रीम, PM मोदी की सरकार पर ठोंका जुर्माना
Supreme Court
भारत
RP Raghuvanshi
17 Nov 2025 01:59 PM
भारत
RP Raghuvanshi
17 Nov 2025 01:59 PM
Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट भारत की सबसे बड़ी अदालत है। अनेक बार कहा जाता है कि कहीं ना कहीं सुप्रीम कोर्ट केन्द्र सरकार के सामने कमजोर दिखाई पड़ता है। तब यह बात और भी ज्यादा जोर से कही जाती है। जब PM मोदी की सरकार के विरूद्ध सुप्रीम कोर्ट से कोई टिप्पणी नहीं आती है। सुप्रीम कोर्ट के हाल ही के एक फैसले ने सुप्रीम कोर्ट को देश की सुप्रीम संस्था साबित कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में ना केवल PM मोदी की सरकार को फटकार लगाई है बल्कि PM मोदी की सरकार पर जुर्माना भी लगा दिया है।
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सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार पर लगाया जुर्माना
यह मामला मेघालय प्रदेश से जुड़ा हुआ है। मेघालय हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने सुप्रीम कोर्ट पहुंची PM मोदी की सरकार को अदालत की नाराजगी का सामना करना पड़ा है। कोर्ट में दो जजों की खंडपीठ ने केंद्र सरकार के रवैये पर नाराजगी का इजहार करते हुए कहा कि हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने का फैसला कानूनी प्रक्रिया का सरासर दुरुपयोग है। अदालत में जस्टिस विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने का कोई आधार नहीं है। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए केंद्र सरकार को पांच लाख रुपये जुर्माना भरने का आदेश भी सुनाया। नाराज अदालत ने कहा, याचिकाकर्ताओं को चेतावनी दी जाती है कि वे भविष्य में ऐसी तुच्छ याचिकाएं दायर न करें।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि हम हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने के इच्छुक नहीं हैं। शीर्ष अदालत ने कहा कि विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज किया जाता है क्योंकि हाईकोर्ट के समक्ष याचिकाकर्ता (केंद्र सरकार) के वकील ने कहा था कि मामला पूरी तरह से अदालत के पिछले फैसले से कवर होता है। इसके बाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के वकील के बयान के आधार पर मामले का निपटारा कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट की पीठ हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ एक अपील पर सुनवाई कर रही थी। उच्च न्यायालय ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) के फैसले को बरकरार रखा था। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की इस दलील पर गौर करने के बाद मामले का निपटारा कर दिया कि इसी तरह की याचिका पहले खारिज की जा चुकी है।
दो महीने में भरो जुर्माना
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि हम याचिकाकर्ताओं पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाते हैं। जुर्माने की रकम आठ सप्ताह के भीतर सशस्त्र बल युद्ध हताहत कल्याण कोष, केनरा बैंक में जमा करनी होगी। रक्षा मुख्यालय शाखा साउथ ब्लॉक में इस राशि को जमा किया जाएगा। उक्त राशि को उपरोक्त निधि में जमा करने के बाद याचिकाकर्ताओं को उसके बाद एक सप्ताह के भीतर सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में पैसा जमा किए जाने का प्रमाण दाखिल करना होगा। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला चर्चा का विषय बन गया है।
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