विदेश मंत्री का बड़ा दावा, खत्म कर देंगे PoK का अवैध कब्जा
India News
भारत
RP Raghuvanshi
18 Nov 2025 01:28 AM
भारत
RP Raghuvanshi
18 Nov 2025 01:28 AM
India News : भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर का बहुत बड़ा बयान सामने आया है। दुनिया भर में चल रही पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) की चर्चा के बीच भारत का यह बयान आया है। भारत के विदेश मंत्री ने -साफ कहा है कि भारत जल्दी ही (PoK) से अवैध कब्जे को समाप्त कर देगा। भारत का यह बयान (PoK) में चल रही अस्थिरता के बीच में आया है।
PoK भारत का था है और हमेशा रहेगा
आपको बता दें कि भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि हम पहले भी साफ कर चुके हैं कि PoK पहले भी भारत का था, आज भी PoK भारत का है और PoK हमेशा भारत का ही रहेगा। उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब भारत PoK को अवैध कब्जे से मुक्त कराकर पूरी तरह से अपने साथ मिला लेगा। उन्होंने कहा कि पीओके में इस समय बहुत कुछ चल रहा है। वहां हालात बिगड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, पूरी दुनिया देख रही है कि वहां क्या हो रहा है। लेकिन मोदी सरकार की बात करें तो हमारा नजरिया एकदम स्पष्ट है। संसद के प्रस्ताव में भी हम एकदम स्पष्ट रहे हैं कि पीओके हमेशा से हमारा था।
उन्होंने पीओके के भारत में विलय के संदर्भ में कहा कि मोदी सरकार का इरादा एकदम मजबूत है। एक दिन पीओके भारत में शामिल हो जाएगा। लेकिन यह विपक्ष है जो दूसरी दिशा में चल रहा है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की पाकिस्तान ने चूडय़िां नहीं पहन रखी वाली टिप्पणी पर कहा कि विपक्षी नेता पाकिस्तान के परमाणु हथियारों से इतना डरते हैं कि उन्हें लगता है कि भारत को पीओके पर पाकिस्तान से बात नहीं करनी चाहिए। साथ ही जोड़ा, हमें भारत के परमाणु हथियारों पर गर्व है।
नेहरू ने की थी गलतियां
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, जब कहा जाता है कि चीन ने भारत की जमीन कब्जा ली तो यह भी सोचा जाना चाहिए कि जमीन तो 1962 में ही चली गई थी। कुछ पर तो 1958 से पहले ही कब्जा कर लिया गया था। कांग्रेस ऐसी टिप्पणियां करके देश को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। दरअसल, वह प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की गलतियों के लिए पीएम मोदी को जिम्मेदार ठहराती है, और ऐसे दिखाती है कि उसका कोई दोष नहीं है। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अपने ही सुरक्षा बलों का मनोबल गिराना दुखद है। हालांकि, विदेश मंत्री ने माना कि चीन की तरफ से चुनौतियां है, और उसने द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन किया। India News