साल में अब दो बार होगी CBSE बोर्ड परीक्षा? शिक्षा मंत्रालय ने मांगा प्रपोजल
CBSE Exam Twice in Year
भारत
RP Raghuvanshi
17 Nov 2025 11:15 AM
भारत
RP Raghuvanshi
17 Nov 2025 11:15 AM
CBSE Exam Twice in Year : सीबीएसई से पढ़ने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर आई है। इन दिनों शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई के बीच एक विषय काफी चर्चा में चल रहा है। बताया जा रहा है कि जल्द साल में दो बार बोर्ड परीक्षाओं का आयोजिन किया जा सकता है। मिली जानकारी के अनुसार दो बार बोर्ड परीक्षाओं को लेकर CBSE से शिक्षा मंत्रालय ने डिटेल प्रपोजल मांगा है। जिसपर सीबीएसई काम कर रहा है। बोर्ड का प्रपोजल सामने आने के बाद ही इस मामले को लेकर कुछ फैसला किया जाएगा।
प्रपोजल के बाद होगी सभी मुद्दों पर चर्चा
बताया जा रहा है कि बोर्ड की ओर से प्रपोजल के बाद मंत्रालय और CBSE के अधिकारियों के बीच इस मामले को लेकर बैठक की जाएगी और इससे जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार बोर्ड की ओर से साल में दो बार परीक्षा करने में रुकावट सिर्फ परीक्षाओं की टाइमिंग की हो रही है। क्योंकि जब तक पहली परीक्षा का रिजल्ट जारी नहीं हो पाएगा, तब तक दूसरी बोर्ड परीक्षा का आयोजन नहीं हो सकता।
पैटर्न में भी किया जा सकता है बदलाव?
साल में दो बार परीक्षाओं के साथ ही स्कूली शिक्षा के लिए तैयार किए गए नैशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) के आधार पर बोर्ड एग्जाम के पैटर्न में भी बदलाव किया जा सकता है। जानकारी के अनुसार NCF में सिफारिश की गई है कि छात्रों के पास दोनो परीक्षाओं में हिस्सा लेने का विकल्प होगा, जिससे छात्र अपना बेस्ट स्कोर चुन सकें। अभी बोर्ड एग्जाम 15 फरवरी से शुरू होकर अप्रैल की शुरुआत तक चलते हैं। इस बीच जनवरी के आखिर में इंजीनियरिंग के लिए जेईई मेन परीक्षा होती है। फिर बोर्ड एग्जाम शुरू हो जाते हैं। जिस वजह से विभाग दो बीर परीक्षा करने के लिए टाइमिंग नहीं चुन पा रहा है।
विंडो को तय करना हो रहा मुश्किल
CBSE बोर्ड एग्जाम के बाद जेईई मेन का दूसरा चरण होता है। फिर मई के पहले हफ्ते में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET- UG होती है और 15-31 मई तक CUET-UG होती है। जिसके बाद जून-जुलाई में दिल्ली यूनिवर्सिटी समेत दूसरी यूनिवर्सिटीज में ग्रेजुएशन कोर्सेज में एडमिशन होते हैं। वहीं इन सभी परीक्षों को देखते हुए CBSE के साल में दो बार परीक्षा करवाने पर कहा जा रहा है कि इन सबके बीच दूसरे बोर्ड एग्जाम की परीक्षा के लिए विंडो को तय करना होगा। जब पहले बोर्ड का रिजल्ट आएगा, उसके बाद ही दूसरे बोर्ड परीक्षा का शेड्यूल तय होगा। क्योंकि बिना पहले बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जारी किए दूसरी परीक्षा करवाने का कोई मतबल नहीं होगा।