पटना में अपराधियों का तांडव, पारस अस्पताल में घुसकर की हत्या
Bihar News
भारत
RP Raghuvanshi
18 Nov 2025 01:40 PM
भारत
RP Raghuvanshi
18 Nov 2025 01:40 PM
Bihar News : पटना में अपराधियों के हौंसले एक बार फिर बेखौफ नजर आए। शहर के सबसे व्यस्त और सुरक्षित माने जाने वाले राजा बाजार इलाके में स्थित पारस अस्पताल (Paras Hospital) में मंगलवार को दिनदहाड़े गोलीबारी की घटना से सनसनी फैल गई। चार हमलावरों ने इलाज के लिए भर्ती एक कैदी चंदन मिश्रा को अस्पताल के अंदर गोली मार दी और मौके से फरार हो गए।
इलाज के नाम पर पैरोल
जानकारी के मुताबिक, घायल चंदन मिश्रा मूल रूप से बक्सर जिले का निवासी है। वह बक्सर में केसरी नामक व्यक्ति की हत्या के आरोप में बेऊर जेल में बंद था। कोर्ट से इलाज के लिए उसे कुछ समय की पैरोल मिली थी, जिसके तहत वह पारस अस्पताल में भर्ती था। मंगलवार को अचानक चार हमलावर अस्पताल परिसर में दाखिल हुए और बिना किसी डर के सीधे वार्ड में घुसकर चंदन मिश्रा को गोली मार दी। घटना के तुरंत बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। मरीजों और स्टाफ में डर का माहौल फैल गया। चंदन मिश्रा को गंभीर हालत में इलाज के लिए तत्काल भर्ती किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
राजधानी पटना, वो भी हाई-सिक्योरिटी जोन में स्थित एक नामी अस्पताल में इस तरह दिनदहाड़े गोलीबारी ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था की पोल खोलती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि अपराधियों को पुलिस या प्रशासन का कोई खौफ नहीं है।
जांच में जुटी पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे अस्पताल परिसर की घेराबंदी कर ली। CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, फिलहाल पुलिस ने हमले के पीछे की वजह और हमलावरों की पहचान को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
प्रत्यक्षदर्शियों का बयान
अस्पताल में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावर बेहद आराम से अस्पताल में घुसे और गोली चलाकर कुछ ही मिनटों में फरार हो गए। न तो किसी ने उन्हें रोका, न ही सुरक्षा गार्ड ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस सनसनीखेज वारदात ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति सुधार की नहीं, सख्त पुनर्रचना की जरूरत है। अस्पताल जैसी संवेदनशील जगहों पर भी जब अपराधी खुलेआम गोलियां चला रहे हों, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।