सूरज की रोशनी वाला देश, फिर भी हर दूसरे भारतीय में विटामिन डी की कमी!
भारत
चेतना मंच
17 Nov 2025 11:55 PM
भारत
चेतना मंच
17 Nov 2025 11:55 PM
भारत को सूरज की धरती कहा जाता है, लेकिन धूप का असली फायदा हमारे शरीर तक नहीं पहुंच पा रहा। देशभर में हुए एक 22 लाख से अधिक लोगों के अध्ययन में खुलासा हुआ है कि करीब 46.5% भारतीयों में विटामिन डी की कमी है। रिपोर्ट के अनुसार, एयरकंडिशनर वाले घरों-दफ्तरों में रहना, धूप से बचने की आदत और बढ़ती इनडोर लाइफस्टाइल इसके मुख्य कारण हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी जीवनशैली ने हमारे शरीर को सूरज से काट दिया है। Vitamin D Deficiency :
दक्षिण भारत में सबसे ज्यादा कमी
अध्ययन में पाया गया कि दक्षिण भारत में 51.6% लोगों में विटामिन डी की कमी थी। खासकर केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में हालात सबसे खराब रहे। वहीं, पूर्वोत्तर भारत सबसे बेहतर स्थिति में रहा, जहां सिर्फ 36.9% लोगों में कमी पाई गई। कुल मिलाकर देखने में यही आ रहा है कि हमारी सुविधाभोगी आदतें हमें बिटामिन डी से मरहूम कर रही हैं। हम जितना ही सूरज की रोशनी से बचने का प्रयास करेंगे उतना ही हम बिटामिन डी से दूर होते जाएंगे।
क्यों जरूरी है विटामिन डी
विटामिन डी न सिर्फ हड्डियों को मजबूत बनाता है, बल्कि इम्यून सिस्टम, मांसपेशियों और हार्मोनल बैलेंस के लिए भी अहम है। इसकी कमी से थकान, जोड़ों का दर्द, हड्डियों में कमजोरी और डिप्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, रोजाना 15-20 मिनट की सुबह की धूप, विटामिन डी युक्त आहार (जैसे अंडा, दूध, मछली) और जरूरत पड़ने पर सप्लीमेंट्स लेना बेहद जरूरी है।