EC : EC ने फर्जी मतदाताओं पकड़ने के लिए सॉफ्टवेयर में किया सुधार
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भारत
RP Raghuvanshi
18 Nov 2025 07:31 AM
भारत
RP Raghuvanshi
18 Nov 2025 07:31 AM
EC : भारत के चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में फर्जी मतदाताओं की पहचान और रोकथाम के लिए अपने सॉफ्टवेयर में अहम बदलाव करने का निर्णय लिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद, आयोग ने एक नई प्रणाली लागू करने का फैसला किया है, जिससे किसी एक EPIC नंबर से जुड़े कई नामों का आसानी से पता लगाया जा सकेगा। इस कदम से मतदाता सूची में धोखाधड़ी की संभावनाओं को कम किया जा सकेगा और चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
नई प्रणाली से होगा फर्जी मतदाताओं का खुलासा
चुनाव आयोग अपने सॉफ़्टवेयर में एक उन्नत फीचर शामिल करने जा रहा है, जिससे इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (ERO) किसी भी मतदाता के EPIC (इलेक्टर्स फोटो आइडेंटिटी कार्ड) नंबर से जुड़े विभिन्न नामों और प्रविष्टियों की पहचान कर सकेंगे। इससे एक ही व्यक्ति के नाम से दर्ज कई मतदाता रिकॉर्ड को हटाने में सहायता मिलेगी और मतदान प्रक्रिया की शुद्धता बढ़ेगी।
राज्यों के निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी
निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस सुधार के संबंध में सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। सोमवार को आयोग ने इस विषय पर सभी अधिकारियों को एक आधिकारिक पत्र भेजा। पश्चिम बंगाल के कार्यकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी, दिब्येंदु दास ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर इस फैसले की विस्तृत जानकारी साझा की। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची सुधार की प्रक्रिया 21 मार्च तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
TMCके आरोप और ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया
टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने हाल ही में आरोप लगाया कि 2014 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से चुनाव आयोग की निष्पक्षता प्रभावित हुई है। उन्होंने पार्टी की आगामी 2026 विधानसभा चुनावों की रणनीति और राज्य में मतदाता सूची में अनियमितताओं की जांच पर चर्चा के लिए एक वर्चुअल बैठक की। बैठक में टीएमसी के वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक और स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित थे।
टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। कोलकाता में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में एक एजेंसी मतदाताओं के नाम हरियाणा, गुजरात और अन्य राज्यों के लोगों के साथ बदल रही है, जबकि उनके वोटर आईडी कार्ड के नंबर वही रखे गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया दिल्ली से संचालित की जा रही है। ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि इसी तरह की रणनीति अपनाकर भाजपा ने महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में चुनाव जीते हैं।
चुनाव आयोग की पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश
इन आरोपों के मद्देनजर, चुनाव आयोग ने अपने सॉफ्टवेयर में सुधार कर मतदाता सूची की शुद्धता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आयोग का यह फैसला आगामी चुनावों की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है। फर्जी मतदाताओं को रोकने की यह नई तकनीक चुनावी प्रक्रिया को अधिक भरोसेमंद और पारदर्शी बनाएगी।
आगामी चुनावों में इस नई प्रणाली का प्रभाव कैसा रहेगा, यह देखने योग्य होगा। लेकिन यह कदम निश्चित रूप से मतदाता सूची की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास कहा जा सकता है। EC