35 साल पुराने जैन मंदिर का विध्वंस, जैन समाज में उबाल, आज निकलेगी रैली
Jain Temple :
maharashtra news
RP Raghuvanshi
18 Nov 2025 12:28 PM
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RP Raghuvanshi
18 Nov 2025 12:28 PM
Jain Temple : मुंबई के विले पार्ले स्थित कांबलीवाड़ी में मौजूद 35 साल पुराने पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर (Jain Temple) को मुंबई नगर निगम (BMC) ने बुधवार को ध्वस्त कर दिया। मंदिर गिराए जाने की इस कार्रवाई के बाद जैन समुदाय में भारी रोष है और देशभर में इसका विरोध हो रहा है। इसी के तहत शनिवार सुबह 9:30 बजे जैन समाज द्वारा एक अहिंसक रैली का आयोजन किया जा रहा है। इस रैली में मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, विधायक पराग अलवानी और कई जैन संत हिस्सा लेंगे।
मंदिर (Jain Temple) गिराए जाने से जैन समाज में नाराजगी
मंदिर (Jain Temple) गिराए जाने की यह घटना बेहद संवेदनशील मानी जा रही है। जैन समुदाय का कहना है कि यह कार्रवाई बिना कोर्ट के आदेश का इंतजार किए की गई। इस घटना के बाद सभी राजनीतिक दलों के नेता भी इस मुद्दे पर एकजुट हो रहे हैं और कार्रवाई के विरोध में मार्च निकालने की योजना बनाई गई है। साथ ही, जैन समाज द्वारा दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
नोटिस के बावजूद कोर्ट का इंतजार नहीं
बताया जा रहा है कि BMC ने मंदिर (Jain Temple) प्रबंध समिति को पहले ही नोटिस भेजा था। हालांकि, समिति ने इस नोटिस के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। कोर्ट में इस याचिका पर गुरुवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन BMC की टीम ने उससे एक दिन पहले ही यानी बुधवार को मंदिर गिरा दिया। यह मामला इसलिए भी संवेदनशील हो गया है क्योंकि BMC फिलहाल महाराष्ट्र सरकार के नियंत्रण में है, जिसका नेतृत्व भाजपा कर रही है।
मंदिर (Jain Temple) ट्रस्टी का आरोप: BMC ने जल्दबाजी में की कार्रवाई
मंदिर (Jain Temple) ट्रस्टी अनिल शाह ने आरोप लगाया कि BMC को जानकारी थी कि हमने हाईकोर्ट में अपील की है, फिर भी उन्होंने जल्दबाजी में मंदिर को गिरा दिया। उन्होंने कहा कि हमने अधिकारियों से कोर्ट के निर्णय तक इंतजार करने की गुजारिश की थी, लेकिन किसी ने बात नहीं सुनी।
विरोध से पहले हुई आरती, उठे सवाल
विरोध प्रदर्शन से पहले जैन समुदाय के लोगों ने मंदिर (Jain Temple) स्थल पर आरती की और शांति से विरोध जताने का निर्णय लिया। साथ ही सवाल उठाया गया कि मंदिर को गिराने का आदेश किसने दिया और इस जल्दबाजी की क्या वजह थी।
जैन समुदाय का कहना है कि यह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं था, बल्कि आस्था का केंद्र था। अब पूरा समाज जवाब चाहता है। Jain Temple :