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दिल्ली से जेवर तक निर्बाध और तेज आवागमन सुनिश्चित करने के लिए यमुना किनारे स्थित एम्बैंकमेंट रोड को एक आधुनिक हाई-कैपेसिटी बाईपास कॉरिडोर में विकसित करने की योजना पर काम तेज हो गया है।

Jewar Airport : जेवर एयरपोर्ट के संचालन की उलटी गिनती शुरू होते ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में कनेक्टिविटी सुधार की कवायद ने रफ्तार पकड़ ली है। दिल्ली से जेवर तक निर्बाध और तेज आवागमन सुनिश्चित करने के लिए यमुना किनारे स्थित एम्बैंकमेंट रोड को एक आधुनिक हाई-कैपेसिटी बाईपास कॉरिडोर में विकसित करने की योजना पर काम तेज हो गया है। 15 जून के आसपास जेवर एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानें शुरू होने की संभावना को देखते हुए सड़क नेटवर्क को नए स्वरूप में तैयार किया जा रहा है, ताकि दिल्ली, नोएडा और जेवर के बीच बढ़ने वाले यातायात दबाव को प्रभावी ढंग से संभाला जा सके और यात्रियों को बिना रुकावट बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके। Jewar Airport
योजना के अनुसार मौजूदा चार लेन एम्बैंकमेंट रोड को पहले चरण में छह लेन तक चौड़ा किया जाएगा। इसके बाद भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे 10 लेन तक विकसित करने का प्रस्ताव है। यह कॉरिडोर दिल्ली के सेक्टर-94 से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा के घरबरा गांव तक पहुंचेगा और आगे यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। अधिकारियों का अनुमान है कि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद इस पूरे रूट पर वाहनों की आवाजाही में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिसे यह विस्तारित सड़क नेटवर्क संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। Jewar Airport
इस बाईपास कॉरिडोर को चिल्ला एलिवेटेड रोड से भी जोड़ा जाएगा, जिससे दिल्ली और नोएडा के बीच ट्रैफिक का दबाव कम होगा। इसके अलावा मयूर विहार से महामाया फ्लाईओवर तक बन रही 5.9 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड का काम अगले वर्ष दिसंबर तक पूरा होने की संभावना है। साथ ही, महामाया फ्लाईओवर से ओखला बर्ड सैंक्चुअरी मेट्रो स्टेशन तक लगभग 1.4 किलोमीटर लंबा अतिरिक्त एलिवेटेड लिंक भी प्रस्तावित है। इसके बाद दिल्ली से आने वाले वाहन सीधे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे में प्रवेश किए बिना एम्बैंकमेंट रोड तक पहुंच सकेंगे। नोएडा अथॉरिटी के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद इस पूरे क्षेत्र में ट्रैफिक लोड में तेज बढ़ोतरी की संभावना है। इसी कारण एम्बैंकमेंट रोड के पुनर्विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) और सिंचाई विभाग की टीम ने प्रस्तावित साइट का निरीक्षण पूरा कर लिया है। अब इस परियोजना के लिए पहले फिजिबिलिटी स्टडी और उसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी। Jewar Airport
प्रस्तावित योजना के तहत इस परियोजना की लागत नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी द्वारा साझा रूप से वहन की जाएगी। वहीं जेवर एयरपोर्ट से 15 जून से कमर्शियल उड़ानों की शुरुआत होने की संभावना है, जिसमें इंडिगो के पहले ऑपरेटर बनने की चर्चा है। शुरुआती चरण में यह एयरपोर्ट लखनऊ, बेंगलुरु, अमृतसर, हैदराबाद और जम्मू जैसे शहरों से जोड़ा जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट NCR क्षेत्र को एक प्रमुख एविएशन हब के रूप में स्थापित करेगा, जिससे क्षेत्रीय विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति मिलेगी। Jewar Airport
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