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नोएडा की 01 जुलाई की बड़ी खबरें—साइबर ठगी, ट्रैफिक सिग्नल समस्या, फ्लैट ई-नीलामी, स्कूल खुलना और प्राधिकरण की योजनाओं का ताजा अपडेट।

Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 01 जुलाई को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “ठगों ने निवेश विशेषज्ञ बनकर इंजीनियर से ठगे 52.60 लाख” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि साइबर जालसाजों ने निवेश विशेषज्ञ बन आईपीओ और स्टॉक ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देकर इंजीनियर से 52.60 लाख रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मूलरूप से देहरादून निवासी अखिलेश सयाना वर्तमान में नोएडा में रहते हैं। वह पेशे से इंजीनियर हैं। उन्होंने पुलिस से शिकायत की है कि जालसाजों ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताते हुए 4 फरवरी 2026 को उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा। ग्रुप में आईपीओ और स्टॉक ट्रेडिंग से कम समय में कई गुना मुनाफा कमाने का दावा किया। शुरुआत में आरोपियों ने फर्जी मुनाफा दिखाकर उनका विश्वास जीत लिया। इसके बाद लगातार बड़ी रकम निवेश करने का दबाव बनाया गया। 2 से 16 मार्च के बीच उन्होंने अलग-अलग किस्तों में आरोपियों के बताए गए बैंक खातों में पैसे भेजे। कुल मिलाकर 52.60 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। निवेश के बदले भारी लाभ का आश्वासन दिया गया लेकिन जब रकम निकालने का प्रयास किया गया तो तरह-तरह के बहाने बनाए जाने लगे। बाद में आरोपियों ने संपर्क करना भी बंद कर दिया। तब उन्हें अहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। इस पर 16 अप्रैल को राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है और बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, व्हाट्सएप चैट, डिजिटल ट्रांजैक्शन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। निवेश से जुड़े अधिकांश ऑनलाइन फ्रॉड सोशल मीडिया, व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप से होती है।
Noida News:
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “शहर में 80 ट्रैफिक सिग्नल 40 में पावर बैकअप नहीं” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि मानसून के दौरान शहर की ट्रैफिक व्यवस्था एक बार फिर पटरी से उतरने की आशंका है। शहर के 80 से अधिक ट्रैफिक सिग्नलों में से करीब 40 पर पावर बैकअप की व्यवस्था नहीं है, जबकि बाकी 40 सिग्नलों पर भी केवल 30 मिनट का बैकअप उपलब्ध है। ऐसे में बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होते ही प्रमुख तिराहों और चौराहों के सिग्नल बंद हो जाते हैं, जिससे सुबह और शाम के समय लंबा जाम लग जाता है। सिग्नल बंद होने पर वाहन चालक बिना किसी नियंत्रण के निकलने लगते हैं और कुछ ही देर में कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है। सबसे अधिक परेशानी ऑफिस और स्कूल के समय होती है। नोएडा प्राधिकरण ने करीब दो वर्ष पहले ट्रैफिक सिग्नलों के लिए स्थायी पावर बैकअप की योजना तैयार की थी, लेकिन विद्युत यांत्रिक विभाग और ट्रैफिक सेल के बीच समन्वय के अभाव में यह योजना अब तक लागू नहीं हो सकी। शहर के 40 ट्रैफिक सिग्नल इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) से जुड़े हैं, जिनका संचालन निजी एजेंसी करती है। इन पर करीब 30 मिनट के पावर बैकअप का प्रावधान है, हालांकि बारिश के दौरान कई स्थानों पर यह भी प्रभावी साबित नहीं होता। दूसरी ओर, विद्युत यांत्रिक विभाग के अधीन आने वाले करीब 40 ट्रैफिक सिग्नलों पर किसी भी तरह की बैकअप व्यवस्था नहीं है।
Noida News: अमर उजाला ने 01 जुलाई 2026 के अंक में प्रमुख समाचार “ई-नीलामी में भी नहीं मिले जर्जर हो रहे फ्लैटों को खरीदार” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि ई-नीलामी से बिक नहीं पा रहे फ्लैटों को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की योजना फेल साबित हो रही है। जनवरी में शुरू हुई पंजीकरण की प्रक्रिया के तीन बार तारीख बढ़ाए जाने के बाद भी छह महीने में अभी तक 90 फ्लैटों के लिए आठ आवेदन ही आए हैं। अब सीईओ रवि कुमार एनजी ने संपत्ति विभाग को ई-नीलामी से इन आवेदकों में आवंटन की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए कहा है। अधिकारियों का कहना है कि छह महीने तक पंजीकरण खुले रहे हैं। इसके बाद भी उम्मीद के मुताबिक पंजीकरण ई-नीलामी के लिए नहीं हुए। अब तय हुआ है कि जिन इच्छुक खरीदारों ने पंजीकरण कराया है। उनको और अधिक इंतजार नहीं कराया जाए। प्राइम लोकेशन पर होने के बाद भी फ्लैट खरीदने के लिए आवेदन क्यों नहीं आ रहे हैं? इसका भी परीक्षण प्राधिकरण कराएगा।
जानकारों का कहना है कि मौके पर लंबे समय से अनुपयोगी पड़े फ्लैट जर्जर हो चुके हैं। कैंपस के अंदर और बाहर दोनों जगह बदहाली पसरी हुई है। ऐसे में करीब एक करोड़ रुपये खर्च कर वहां जर्जर हालत में फ्लैट खरीदना लोगों को फायदे का सौदा नहीं लगता है। इसके अलावा बिल्डिंग का रखरखाव कैसे होगा? इसके लिए कॉर्पस फंड या एओए जैसी व्यवस्था भी इसमें शामिल नहीं है। हालांकि, मौखिक रूप से अधिकारी आवंटन के बाद फ्लैटों की हालत ठीक कराकर कब्जा देने की बात कहते हैं। पहले आओ, पहले पाओ हो सकता विकल्प आवास विभाग के प्राधिकरण और आवास विकास परिषद में बिना बिके फ्लैटों के लिए पहले आओ पहले पाओ की योजना लागू है। इसमें कभी भी अपनी पसंद का फ्लैट आवेदन कर लोग खरीद सकते हैं। फ्लैटों की कीमत कम करने और बढ़ने से रोकने के लिए दरें फ्रीज करने जैसे प्रयास भी वहां हुए। इसके उलट ग्रेनो प्राधिकरण ई-नीलामी की नीति से अपने रिक्त फ्लैटों को बेचना चाहता है।
समाचार दैनिक जागरण से
Noida News: दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 01 जुलाई 2026 का प्रमुख समाचार “आज से खुलेंगे स्कूल, विद्यार्थियों के स्वागत को विशेष व्यवस्था की” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रीष्मकाल के अवकाश के बाद बुधवार को जनपद के इंटर कालेज समेत समस्त प्राइवेट स्कूल खुल जाएंगे। विद्यार्थियों की चहलकदमी से स्कूलों में रौनक लौट आएगी। स्कूल प्रबंधन ने विद्यार्थियों के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्था की हैं। रायन इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्य सुधा सिंह ने बताया कि अप्रैल में ही नया सत्र शुरू हो गया था। लंबी छुट्टी हो जाने के कारण बच्चों को स्कूल से फिर से जोड़ना चुनौती होता है। वनस्थली पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य सना जैन ने बताया कि बच्चों के साथ अभिभावकों का भी स्वागत किया जाएगा। नर्सरी के बच्चों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। छात्र भी लंबे अवकाश के बाद अपने दोस्तों से मिलने के लिए उत्साहित हैं। हालांकि गर्मी को देखते हुए अभी स्कूलों को समय सुबह सात से दोपहर 12 बजे ही रखा गया है। कई स्कूलों की ओर से अभिभावकों को संदेश नहीं भेजे गए हैं। संदेश नहीं. आने पर अभिभावकों ने नाराजगी जताई है। अभिभावक अभिनव का कहना है कि बीएस का आदेश आने के बाद भी स्कूल की ओर से कोई जानकारी नहीं मिली है। ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
Noida News: दैनिक जागरण के 01 जुलाई 2026 के अंक में अगला प्रमुख समाचार “40 प्रतिशत छूट देकर भी प्राधिकरण सिर्फ 13 करोड़ वसूल पाया बकाया बिल” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि प्राधिकरण की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत पानी के बिल पर ब्याज में 40 प्रतिशत छूट पाने का मौका खत्म हो गया। 30 जून को पानी के बिल पर लगने वाले ब्याज में 40 प्रतिशत छूट दी जा रही थी। एक से 31 जुलाई तक अब बकायेदारों को 30 प्रतिशत छूट के साथ बकाया पानी का बिल चुकाने का दूसरा मौका दिया जा रहा है। वरिष्ठ प्रबंधक जल विनोद शर्मा का कहना है कि जो आवंटी 40 प्रतिशत छूट के लाभ से वंचित रह गए हैं उनके पास अब 31 जुलाई से पहले बकाया बिल जमा कर 30 प्रतिशत छूट पाने का एक और मौका है। प्राधिकरण के अनुसार सभी श्रेणी के आवंटियों पर करीब 290 करोड़ रुपये पानी का बिल बकाया है। इसमें से करीब 13 करोड़ रुपये ओटीएस के पहले चरण में जमा होने के बाद भी 277 करोड़ रुपये आवंटियों पर बकाया रह गया है। पहले चरण के ओटीएस से पहले विभिन्न श्रेणी के आवंटियों में से बिल्डर सोसायटियों पर सबसे अधिक लगभग 146 करोड़, आवासीय आवंटियों पर 65 करोड़, संस्थागत पर 50 करोड़, उद्योगों पर 14.61 करोड़, आवासीय समितियों पर 10 करोड़ और शेष आइटी व कमर्शियल आवंटियों पर बकाया है। एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि बोर्ड बैठक में तीन माह के लिए यह योजना लागू की गई है। 30 जून तक कुल बकाया धनराशि के ब्याज पर 40 प्रतिशत, 31 जुलाई तक 30 प्रतिशत छूट का लाभ दिया जाएगा।
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