नवरात्रि पर करें सप्तश्लोकी दुर्गा पाठ, 7 श्लोकों में दुर्गा सप्तशती का पूर्ण फल
Saptsloki Durga Saptsati
भारत
RP Raghuvanshi
18 Nov 2025 03:30 PM
भारत
RP Raghuvanshi
18 Nov 2025 03:30 PM
Saptsloki Durga Saptsati : नवरात्रि पूजा के समय दुर्गा पूजा में साधना के अलग अलग रुप देखने को मिलते हैं. नवरात्रि के समय सप्तश्लोकी दुर्गा सप्तशती पाठ करने से देवी मां प्रसन्न होती हैं और भक्तओं की इच्छाएं पूरी होती हैं. नवरात्रि के समय पर नौ दिनों में माता रानी की पूजा होती है. माता के अलग अलग रुप पूजे जाते हैं. नवरात्रि पूजा के दौरान इस सप्तशलोकों का पाठ करना बहुत शुभ होता है. इस दुर्गा पाठ से हर प्रकार की बाधाएं शांत होने लगती हैं. जीवन में सुख समृद्धि का आगमन होता है. आइये जान लेते हैं चैत्र नवरात्रि 2024 में कैसे करें दुर्गा सप्तश्लोकी दुर्गा सप्तशती पाठ
नवरात्रि 2024 सप्तश्लोकी दुर्गा सप्तशती पाठ का मूल अंग
नवरात्रि के दिनों में ऋषि मार्कंडेय निर्मित दुर्गा सप्तशती का पाठ करना विशेष फल प्रदान करता है. इस समय किया गया यह पाठ उच्च स्तर के लाभ प्रदान करता है इस पाठ को करने की बड़ी महिमा है. यह पाठ मनोकामना पूर्ण करने वाला माना गया है. किंतु कई बार इस संपूर्ण पाठ को नहीं कर पाने की स्थिति में सप्तश्लोकी पाठ को कर लेने से इस संपूर्ण स्त्रोत का लाभ स्वत: ही प्राप्त हो जाता है. इसे करने से देवी की कृपा प्राप्त होती है. सुखों को प्रदान करने वाला यह स्त्रोत जीवन को शुभता देने वाला है. दुर्गा सप्तशति के तेरह अध्याय न हो पाने की स्थिति में यह सात श्लोक ही संपूर्ण फल प्रदान करते हैं.
Saptsloki Durga Saptsati
सप्तश्लोकी दुर्गा पाठ से मिलता है सप्तशती पाठ का पूर्ण फल
दुर्गा सप्तश्लोकी अत्यंत शक्तिशाली मंत्र हैं, जिनके पाठ से पूरे दुर्गा सप्तशती पाठ का फल मिलता है. दुर्गा सप्तशती का सारांश और संपूर्ण फल इन सात श्लोकों में समाहित माना गया है. शास्त्रों के अनुसार इसका पाठ करने से संपूर्ण सप्तशती के पाठ का फल प्राप्त होता है. दुर्गा सप्तश्लोकी में उल्लेख है कि देवी मां ने दुर्गा सप्तश्लोकी के पाठ के बारे में बताया कि कलियुग में दुर्गा सप्तश्लोकी का पाठ सभी मनोकामनाओं की पूर्ति का उपाय है.